मंगलवार, 21 सितंबर 2010

किसानों के लिए रेडियो स्टेशन शुरू

बिहार कृषि विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले कृषि विज्ञान केन्द्र बाढ़ में किसानों के लिए कृषि आधारित रेडियो स्टेशन की शुरुआत कर दी गई है। 48.50 लाख की लागत से तैयार रेडियो स्टेशन से किसान हर दिन सुबह-शाम एक-एक घंटे खेती बारी से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से रेडियो स्टेशन के लिए लाइसेंस भी प्राप्त हो गया है। सोमवार को रेडियो स्टेशन के अधिकारियों ने कुलपति डॉ. मेवालाल चौधरी से आकर उन्हें इसकी जानकारी दी।

रेडियो स्टेशन के लिए आधुनिक प्रसारण केन्द्र भी बनाया जा रहा है। इसके अलावा सबौर में भी 100 किलोमीटर प्रसारण क्षमता के रेडियो स्टेशन का प्रस्ताव है। यहां भी जल्द ही रेडियो स्टेशन चालू हो जाएगा। रेडियो स्टेशन के बाद किसानों की समस्याओं का जीवंत प्रसारण टीवी पर होगा। इसके लिए कुलपति डॉ. चौधरी की पहल ने रंग लाना शुरू कर दिया है। उनकी पहल पर कृषि मंत्रालय ने बिहार कृषि विश्वविद्यालय में 4.50 करोड़ रुपए से स्थापित होने टीवी सेंटर को मंजूरी देते हुए राशि भी उपलब्ध करा दी है। टीवी सेंटर में किसानों की सुविधा के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस रिकार्डिग रूम व स्टूडियो की स्थापना की जाएगी। स्टूडियो में सफल किसानों की कहानी को रिकार्ड करने के अलावा टीवी सेंटर का कैमरा सीधे किसानों के खेतों पर जाकर उनकी समस्याओं को शूट करेगा। स्टूडियो में बैठे वैज्ञानिक कैमरे के जरिए पौधे की बीमारियों सहित किसानों को खेती-बारी में आने वाली अन्य समस्याओं का समाधान करेंगे। कुलपति डॉ. चौधरी ने बताया कि स्टूडियो में एडिटिंग से लेकर रिकार्डिग सहित अन्य सुविधाएं होंगी। प्रथम चरण में टीवी सेंटर से पांच कृषि विज्ञान केन्द्रों को जोड़ा जाएगा। जहां किसान सेटेलाइट के जरिए अपनी समस्याओं निदान पाएंगे। कुलपति ने बताया कि स्टूडियो के संचालन के लिए राष्ट्रीय स्तर के गुणवत्ता वाले कैमरामैन व संपादन टीम को रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि टीवी सेंटर ज्ञान प्रचार-प्रसार केन्द्र के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने बताया कि टीवी सेंटर के लिए अगर और भी राशि की जरूरत होगी तो उसे उपलब्ध कराया जाएगा।

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