सोमवार को कृषि विज्ञान केन्द्र, सबौर आए परिषद के वैज्ञानिक डॉ. प्रेम स्वरूप ने पीरपैंती, साहु परवत्ता, सरधो, पकड़तल्ला एवं कहलगांव सहित 25 किसानों के साथ विचारोपरांत बीज उत्पादन के लिए उनका निबंधन किया। इस मौके पर किसानों ने समझौते के आधार पर बीज के लिए प्रति हेक्टेयर क्रमश: 42 एवं 12 हजार रुपए भी जमा किए।
परिषद के वैज्ञानिक ने बीज उत्पादन के प्रति इच्छुक किसानों से कहा कि उनके द्वारा उत्पादित बीज को बाजार मूल्य पर खरीद भी लिया जाएगा और 15 हजार रुपए भी वापस कर दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त बीज उत्पादन में खाद एवं कीट नाशक दवाईयों पर खर्च हुए 15 हजार तक में उसकी क्रय रसीद प्रस्तुत करने पर साढ़े सात हजार रुपए की और वापसी की जाएगी।
वहीं मटर बीज उत्पादन के लिए किसानों से प्रति हेक्टेयर 12 हजार रुपए आधार बीज के लिए जमा लिए गए। उनके भी उत्पादित बीज बाजार मूल्य पर खरीद लिए जाएंगे और मौके पर ही 12 हजार रुपए वापस कर दिए जाएंगे। इसके अलावा खाद एवं कीट नाशक दवाई पर आये खर्च में भी पांच हजार रूपये की छूट दी जाएगी। उक्त जानकारी कृषि विज्ञान केन्द्र के समन्वयक डॉ. विनोद कुमार ने दी।
कार्यक्रम समन्वयक ने कहा
कृषि विज्ञान केन्द्र ने आगामी रबी मौसम में 100 से अधिक हेक्टेयर में उन्नत किस्मों के गेहूं बीज के उत्पादन की योजना बनाई है। इसके लिए जिले के विभिन्न प्रखंडों से इच्छुक किसानों का चयन कर लिया गया है। पीरपैंती के लक्ष्मीपुर में 72 एकड़, हरदों में 30, सुल्तानगंज के तिलकपुर में 40 तथा खानकित्ता में 12 एकड़ जमीन में गेहूं बीज के उत्पादन का लक्ष्य है। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि चयनित किसानों को विवि. दर पर प्रजनक एवं आधार बीज मुहैया कराया जाएगा तथा उत्पादक तकनीक कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक बताएंगे। पकड़तल्ला एवं सिमरों के पचास-पचास एकड़ भू-भागों में मसूर बीज उत्पादन की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
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